हरियाणा में एक दामाद सर्दियों के दिनों में अपने ससुराल गया, उसकी पत्नी का नाम था दामो और उसकी साली का नाम था बादामो.........
तो उस गाँव में एक रिवाज एसा था कि दामाद चाहकर भी अपनी पत्नी से मिलना तो दूर आमने-सामने से देख भी नहीं सकता था।
तो दामाद ने एक तरकीब निकाली और अपनी सास को इशारे में दो पंक्तीया कही की.............
''उड़ती चिड़िया बोल रिया से अबके पाळा खूब पड़ेगा ।
दो जण मिल के सोत राहियो नहीं ते एक जरूर मरेगा ।''
सास समझ गई कि दामाद क्या इशारा कर रहा है तो उसने भी इशारे मे ही जवाब दिया कि
''दामो संग बादामो सोअगी तेरे संग तेरा साळा।
में बुढ़्हया संग पड़ी रेवागी के कर लेगा पाळा।''
तो उस गाँव में एक रिवाज एसा था कि दामाद चाहकर भी अपनी पत्नी से मिलना तो दूर आमने-सामने से देख भी नहीं सकता था।
तो दामाद ने एक तरकीब निकाली और अपनी सास को इशारे में दो पंक्तीया कही की.............
''उड़ती चिड़िया बोल रिया से अबके पाळा खूब पड़ेगा ।
दो जण मिल के सोत राहियो नहीं ते एक जरूर मरेगा ।''
सास समझ गई कि दामाद क्या इशारा कर रहा है तो उसने भी इशारे मे ही जवाब दिया कि
''दामो संग बादामो सोअगी तेरे संग तेरा साळा।
में बुढ़्हया संग पड़ी रेवागी के कर लेगा पाळा।''
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