Thursday, 8 September 2016

7 वा वेतन आयोग। 7th Pay In Hindi

एक सरकारी  कर्मचारी नौकरी से घर लौट रहा था ।
रास्ते में एक नदी पड़ती थी । नदी पार करने लगा तो ना जाने क्या सूझा,

एक पत्थर पर बैठ कर अपने झोले में से पेन और कागज निकाला ओर अपने वेतन का  हिसाब  निकालने लगा ।



अचानक…..,

हाथ से पेन फिसला और डुबुक ….पानी में डूब गया । कर्मचारी परेशान । आज ही सुबह पूरे पांच रूपये खर्च कर खरीदा था ।
कातर दृष्टि से कभी इधर-कभी उधर देखता ,पानी में उतरने का प्रयास करता , फिर डर कर कदम खींच लेता ।

एकदम नया पेन था ,
छोड़ कर जाना भी मुनासिब न था ।
तभी …….
पानी में एक तेज लहर उठी , और साक्षात् वरुण देव सामने थे ।
सरकारी कर्मचारी हक्का -बक्का..............

कुल्हाड़ी वाली कहानी याद आ गई ।
वरुण देव ने कहा , ”कर्मचारी, क्यूँ इतना परेशान है.........? 
प्रमोशन , तबादला , वेतनवृद्धि ,क्या चाहिए...........?

कर्मचारी अचकचाकर बोला , ” प्रभु ! आज ही सुबह एक पेन खरीदा था ।
पूरे पांच रूपये का । देखो ढक्कन भी मेरे हाथ में है ।
यहाँ पत्थर पर बैठा लिख रहा था कि पानी में गिर गया प्रभु बोले , ” बस इतनी सी बात ! अभी निकाल
लाता हूँ ।”

प्रभु ने डुबकी लगाई..........
और चाँदी का एक चमचमाता पेन लेकर बाहर आ गए । बोले – ये है आपका पेन..........?

कर्मचारी बोला – ना प्रभु । मुझ गरीब को कहाँ ये चांदी का पेन नसीब । ये मेरा नहीं ।
प्रभु बोले – कोई बात नहीं , एक डुबकी और लगाता हूँ
डुबुक …..

इस बार प्रभु सोने का रत्न जडित पेन लेकर आये। बोले – “लीजिये कर्मचारी , अपना पेन ।”

कर्मचारी बोला – ” क्यूँ मजाक करते हो प्रभु । इतना कीमती पेन और वो भी मेरा । मैं सरकारी कर्मचारी हूँ ।
थके हारे प्रभु ने कहा , ” चिंता ना कर कर्मचारी ।अबके फाइनल डुबकी होगी ।
डुबुक ….

बड़ी देर बाद प्रभु उपर आये । हाथ में कर्मचारी का जेल पेन लेकर ।
बोले – ये है क्या ?
कर्मचारी चिल्लाया – हाँ यही है , यही है ।

प्रभु ने कहा – आपकी इमानदारी ने मेरा दिल जीत लिया कर्मचारी ।
आप सच्चे कर्मचारी हैं । आप ये तीनों पेन ले लो । कर्मचारी ख़ुशी – ख़ुशी घर को चला ।
.
.
कहानी अभी बाकी है दोस्तों.............................
 
कर्मचारी ने घर आते ही सारी कहानी पत्नी जी को सुनाई चमचमाते हुवे कीमती पेन भी दिखाए ।
पत्नी को विश्वास ना हुआ ......  बोली तुम किसी का चुरा कर लाये हो ।

बहुत समझाने पर भी जब पत्नी जी ना मानी तो कर्मचारी उसे घटना स्थल की ओर ले गया ।
दोनों उस पत्थर पर बैठे ,
कर्मचारी ने बताना शुरू किया कि कैसे – कैसे सब हुवा

पत्नी एक एक कड़ी को किसी शातिर पुलिसिये की तरह जोड़ रही थी कि
अचानक …….
डुबुक !!!
पत्नी का पैर फिसला , और वो गहरे पानी में समा गई ।

कर्मचारी की आँखों के आगे तारे नाचने लगे । ये क्या हुव...............? 
जोर -जोर से रोने लगा ।
तभी अचानक ……

पानी में ऊँची ऊँची लहरें उठने लगी । नदी का सीना चीरकर साक्षात वरुण देव प्रकट हुये ।
बोले – क्या हुआ कर्मचारी.............?      अब क्यूँ रो रहे हो.............?

कर्मचारी ने रोते हु कहानी प्रभु को सुनाई । प्रभु बोले – रोओ मत। धीरज रखो ।
मैं अभी आपकी पत्नी को निकाल कर लाता हूँ।  प्रभु ने डुबकी लगाईं ,
और …..
..
थोड़ी देर में......................  वो सनी लियोनी को लेकर प्रकट हुये ।
और बोले –कर्मचारी............ क्या यही आपकी पत्नी जी है......................??

सरकारी कर्मचारी ने एक क्षण सोचा ,
और चिल्लाया –
हाँ यही है , यही है ।

अब चिल्लाने की बारी प्रभु की थी ।
बोले – दुष्ट कर्मचारी। टंच माल देखा तो नीयत बदल दी ।  ठहर में तुझे श्राप देता हूँ ।
सरकारी कर्मचारी बोला– माफ़ करें प्रभु ।  मेरी कोई गलती नहीं है ।
अगर मैं इसे मना करता तो आप अगली डुबकी में प्रियंका चोपड़ा को लाते ।
मैं फिर भी मना करता तो आप मेरी पत्नी को लाते ।
फिर आप खुश होकर तीनों मुझे दे देते ।
अब आप ही बताओ भगवन........................  इस महंगाई के जमाने में

 7th pay Commission ने भी रुला दिया.....................

अब मैं तीन – तीन बीबीयाँ कैसे पालता ।
सो सोचा , सनी से ही काम चला लूँगा ।
और इस ठंड में आप भी डुबकियां लगा लगा कर थक गये होंगे ।
जाइये विश्राम करिए । bye bye ......
छपाक …
एक आवाज आई ।

प्रभु बेहोश होकर पानी में गिर गए थे ।
सरकारी कर्मचारी सनी का हाथ थामे
सावधानीपूर्वक धीरे – धीरे नदी पार कर रहा था ।

Special for 7cpc

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