गाड़ी आदमी की एक अहम जरूरत बन गयी है आजकल गाड़ियों की रेसिंग एक आम चलन हो गया है। और कई लोग तो इतनी स्पीड मे गाड़ी चलाते है की उनको पेदल चलने वाले इंसान तो बस कीड़े-मकोड़ो की तरह लगते है। सरकार द्वारा स्पीड कंट्रोल नियमो के बनाने की बावजूद भी सभी लोग उनकी अनदेखी ही करते है।
पर आपको इस बात पर विश्वास करना होगा की पंजाब के भटिंडा इलाके के हरप्रीत देव है जो गाड़ी बस रिवर्स गियर में ही चलाते है।
वर्ष 2002 में एक छोटी घटना ने हरप्रीत को जिंदकी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण लक्ष्य दे दिया। वे दोस्तों के साथ घर से कोई 50 किमी दूर पार्टी करने गए थे। लौटते समय कार रिवर्स गियर में फंस गयी। पास में इतने रुपये भी नहीं थे की गाड़ी की मरम्मत कर सकें। क्योंकि वे सारे रुपये पार्टी में उड़ा चुके थे। मजबूरी में वे गाड़ी रिवर्स गियर में ही चलाकर घर पहुंचे।
बस इसी घटना से उन्हे कुछ नया करने की सूझी। उन्होंने यह फैसला कर लिया की अब रिवर्स गियर में गाड़ी चलाकर रिकार्ड बनाएंगे। अपनी फिएट कार में आवश्यक तब्दीली कर वर्ष 2003 से उसे रिवर्स गियर में चलाना शुरू किया।
85 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से कार चलाने वाले देव इससे भी ज्यादा तेज गाड़ी चलाना चाहते है।
वे पंजाब के एकमात्र शख्स है, जिन्हे राज्य सरकार से रिवर्स गियर में गाड़ी चलाने की विशेष अनुमति है। उनके नाम एक दर्जन से अधिक राष्ट्रिय व अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं।
फार्मूला वन चैंपियन माइकल शूमाकर के पुत्र माइक शूमाकर ने हाल ही ट्रेनिंग लेने के लिए हरप्रीत से संपर्क किया है। रिवर्स गियर में 65 हजार किमी से अधिक गाड़ी चला चुके है, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
अब तक चालीस हजार लोगों को रिवर्स गियर में कार चलाने का प्रशिक्षण दे चुके है। वर्ष 2005 में बठिंडा से वाघा बोर्डर तक कार लेकर गए। रिवर्स गियर मे गाड़ी चलाने के कारण उनका नाम 2010 में लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है।



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