Monday, 26 September 2016

क्या आप विश्वास करेंगे एक व्यक्ति 13 साल से चला रहा रिवर्स गियर में गाड़ी । Rivers Giyar Gadi In Hindi

गाड़ी आदमी की एक अहम जरूरत बन गयी है  आजकल गाड़ियों की रेसिंग एक आम चलन हो गया है। और कई लोग तो इतनी स्पीड मे गाड़ी चलाते है की उनको पेदल चलने वाले इंसान तो बस कीड़े-मकोड़ो की तरह लगते है। सरकार द्वारा स्पीड कंट्रोल नियमो के बनाने की बावजूद भी सभी लोग उनकी अनदेखी ही करते है।
 
पर आपको इस बात पर विश्वास करना होगा की पंजाब के भटिंडा इलाके के हरप्रीत देव है जो गाड़ी बस रिवर्स गियर में ही चलाते है। 


 


वर्ष 2002 में एक छोटी घटना ने हरप्रीत को जिंदकी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण लक्ष्य दे दिया। वे दोस्तों के साथ घर से कोई 50 किमी दूर पार्टी करने गए थे। लौटते समय कार रिवर्स गियर में फंस गयी। पास में इतने रुपये भी नहीं थे की गाड़ी की मरम्मत कर सकें। क्योंकि वे सारे रुपये पार्टी में उड़ा चुके थे। मजबूरी में वे गाड़ी रिवर्स गियर में ही चलाकर घर पहुंचे। 
बस इसी घटना से उन्हे कुछ नया करने की सूझी। उन्होंने यह फैसला कर लिया की अब रिवर्स गियर में गाड़ी चलाकर रिकार्ड बनाएंगे। अपनी फिएट कार में आवश्यक तब्दीली कर वर्ष 2003 से उसे रिवर्स गियर में चलाना शुरू किया। 

85 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से कार चलाने वाले देव इससे भी ज्यादा तेज गाड़ी चलाना चाहते है।



वे पंजाब के एकमात्र शख्स है, जिन्हे राज्य सरकार से रिवर्स गियर में गाड़ी चलाने की विशेष अनुमति है। उनके नाम एक दर्जन से अधिक राष्ट्रिय व अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं।



फार्मूला वन चैंपियन माइकल शूमाकर के पुत्र माइक शूमाकर ने हाल ही ट्रेनिंग लेने के लिए हरप्रीत से संपर्क किया है। रिवर्स गियर में 65 हजार किमी से अधिक गाड़ी चला चुके है, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड है।




अब तक चालीस हजार लोगों को रिवर्स गियर में कार चलाने का प्रशिक्षण दे चुके है। वर्ष 2005 में बठिंडा से वाघा बोर्डर  तक कार लेकर गए। रिवर्स गियर मे गाड़ी चलाने के कारण उनका नाम 2010 में लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है।

वाह रे जमाने तेरी हद हो गई। Jamana in Hindi

                                                  माँ
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई,
बीवी के आगे माँ रद्द हो गई !
बड़ी मेहनत से जिसने पाला,
आज वो मोहताज हो गई !
और कल की छोकरी,
तेरी सरताज हो गई !
बीवी हमदर्द और माँ सरदर्द हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई.!!

पेट पर सुलाने वाली,
पैरों में सो रही !
बीवी के लिए लिम्का,
माँ पानी को रो रही !
सुनता नहीं कोई, वो आवाज देते सो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई.!!

माँ माँजती बर्तन,
वो सजती संवरती है !
अभी मरी ना बुढ़िया तू ,
उस पर बरसती है !
अरे दुनिया को आई मौत,
तेरी कहाँ गुम हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!

अरे जिसकी कोख में पला,
अब उसकी छाया बुरी लगती,
बैठ होण्डा पे महबूबा,
कन्धे पर हाथ जो रखती,
वो यादें अतीत की,
वो मोहब्बतें माँ की, सब रद्द हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!

बेबस हुई माँ अब,
दिए टुकड़ो पर पलती है,
अतीत को याद कर,
तेरा प्यार पाने को मचलती है !
अरे मुसीबत जिसने उठाई, वो खुद मुसीबत
हो गई !
वाह रे जमाने तेरी हद हो गई .!!

मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है ,
दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है ,
मां की हर दुआ कबूल है ,
मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है ,
मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है ,

Wednesday, 21 September 2016

क्या आप जीतना चाहती हैं अपनी सास का दिल। Do You Want Win The Heart Of Mother-In-Law

सास का नाम सुनते ही चाहे लड़की हो या शादीशुदा औरत हर किसी के दीमाग में एक अजीब सा डर पेदा हो जाता है। और जिसकी शादी होने वाली होती है उसकी एक चिंता अपनी सास को लेकर अवस्य  ही होती है।  सास नाम की यह बीमारी हर किसी लड़की के लिए तैयार रहती है। पुराने इतिहास में भी इस भयानक बीमारी का विवरण किसी न किसी कोने मे मिल ही जाएगा। तो क्यों न इस बीमारी को अपने अछे व्यवहार से खत्म करने का प्रयास करें।



हमेशा अच्छा व्यवहार करें:-
अच्छा व्यवहार तो हर किसी के मन को भा जाता है। और अगर आप अपनी सास के साथ मधुर संबंध बनाना चाहती हैं तो सबसे पहले आपको अच्छे व्यवहार की आदत डालनी पड़ेगी। कई बार एसा होता है की आपका और आपकी सास का कल्चर अलग हो बस एक तो यही बात आप दोनों को एक दूसरे का दुश्मन बना देती है। आपका अच्छा व्यवहार और न बोलना भी परिवार में कई तरह के झगड़ों को खुद ब खुद निपटा देता है। सास के गुस्सा होने पर आपको नहीं बोलना है। वेसे भी कोई अकेला कब तक झगड़ेगा...?



एक दूसरे का आपस में समझना जरूरी:-
इस रिस्ते की परेशानी ही यही है की इसको ठीक से परिभासित  नहीं किया गया है। आप अपनी सास से यह पता कर सकती है की उनकी आपसे क्या उम्मीद है। इससे आपका उनको समझना काफी आसान हो जाएगा और आप दोनों के रिस्ते के बीच की गर्माहट भी कुछ हद तक कम हो सकती है। आपको अपनी सास से यह कहना चाहिए की में आपको अच्छी तरह से समझना चाहती हूँ क्योंकी अब यह मेरा परिवार है और इसके बारे में सोचने की जीमेदारी अब आपकी ही नहीं मेरी भी है।

एक दूसरे की समानताएं खोजे :-
यह कताई जरूरी नहीं है की आप अपनी सास की सबसे अच्छी बहू बने लेकिन आपको यह जरूर पता लगाना होगा की आप दोनों के बीच कॉमन क्या है हो सकता है कि आप दोनों को खाना बनाना पसंद हो या आप दोनों को समान टीवी शो देखना पसंद हो, इससे आप एक दूसरे से किसी न किसी पात्र के बारे में बात भी कर लेंगे। आपको आप दोनों कि समान रुचियों को एक पायदान आगे ले जाना होगा। इससे आपका रिस्ता नई दिशा में आगे बढ़ेगा।



एक दूसरे के लिए समय निकालें :-
कई बार एसा होता है कि नव-विवाहिता चाहती है कि शुरू से ही अच्छी बहू बनकर दिखाए। यह भी जरूरी है कि हर चीज के लिए समय चाहिए होता है। अभी आपकी शादी नई-नई हुई है, धीरे-धीरे आप नए परिवार से जुड़ने लग जाएगी और एक दिन एसा आएगा कि आप दिल से अपने आप को इस परिवार का हिस्सा मानने लगेंगी।


Tuesday, 20 September 2016

फेसबुक के बारे मे रोचक तथ्य । Facebook In Hindi

Facebook, रोटी कपड़ा और मकान के साथ-साथ दुनिया की चौथी अहम जरूरत । दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट हमारे जीवन का एक अभिन्न भाग बन गयी है । रात को सोने से पहले और सुबह जल्दी उठने के बाद सबसे पहले Facebook Login करने की एक आदत सी बन गयी है ।  फेसबुक की शुरुआत 4 फरवरी 2004 को मार्क जुकरबर्ग द्वारा की गयी थी । आप हमेशा Facebook करते हो पर हम आपको Facebook से जुड़ी इंट्रेस्टिंग बाते बतायेंगे जो आपने शायद नही सुनी होगी ।






 1  Mark Zuckerberg को सैलरी के तौर पर एक साल का एक डॉलर 
     मिलता है । 
 2  Facebook वेबसाइट सिर्फ हिन्दी और इंग्लिश भाषा मे ही नहीं 
    Facebook पेज को यूजर्स अपनी सुविधा के हिसाब से 70 अलग-अलग 
     भाषाओं में चेंज कर सकते है।
 3   यदि Facebook एक देश होता तो दुनिया में यह पांचवा सबसे बड़ा देश 
      होता।
 4   Facebook हर महीने 3.5 करोड़ डॉलर सिर्फ होस्टिंग पर ही खर्च 
      करता  है।
 5  2009 में Whatsapp के को-फाउंडर ब्रायन एक्टन को Facebook ने 
     जॉब देने से मना कर दिया था। 

 6  Facebook अमेरिका में तलाक का सबसे बड़ा कारण बनी थी। 
     अमेरिका में हर 5 में से 1 शादी टूटने की वजह Facebook से ही जुड़ी 
     रहती है।



 7  Facebook के URL(एड्रैस बार) के आगे 4 लिख देंगे तो आपके ब्राउजर 
     आपको सीधा मार्क जुकरबर्ग के पेज तक ले जायेगा।
 8  Facebook की मदद से ही 2011 मे Iceland का संवीधान लिखा गया 
     था।
9   आप कभी-कभी Facebook पर कुछ डाटा टाइप तो करते है पर कुछ 
     सोचकर उसको पोस्ट नही करते ओर आप यह सोचते है की मेरे  
     अलावा  इस डाटा को किसी ने भी नही पढ़ा है। जी नहीं, Facebook की 
     एक स्पेशल टीम है जो एसे डाटा को एनालाइज  करती है जो आपने
     टाइप तो किया पर पोस्ट नही किया।
10 अगर Facebook का Server खराब हो जाये तो इसे हर मिनट 25  
     हजार डॉलर का घाटा होगा।
11 मार्क ने Facebook के लाइक (Like) बटन का नाम ऑसम 
    (Awesome) रखने का निर्णय लिया गया पर टीम के दूसरे सदस्यो ने 
    उनकी एक नही सुनी।
12 अगर आप अपने Mobile या Computer पर कोई कम कर रहे है ओर 
     आपने Facebook Login भी कर रखा है तो Facebook आपकी सारी
     गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है। 

13 आपको यह जानकर ताजुब होगा की Facebook एक बहुत बड़ी 
     बीमारी का रूप लेता जा रहा है Facebook Addiction Disorder यह 
     बीमारी दुनिया मे धीरे-धीरे सभी Facebook धारियो को ग्रसित कर रही
     है।



14 Facebook की प्राइवेसी सेटिंग की सुविधा के हिसाब से आप हर एक
     User को ब्लॉक कर सकते है। पर आप चाहकर भी Mark Zuckerberg
     को ब्लॉक नहीं कर सकते है। अगर आपने एसा करने की कोशिश भी 
     की तो Facebook की तरफ से एक Error मैसेज दिखाई देगा।
15  Facebook की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार Facebook पर 
     14.3 करोड़ Account Fake है। इनमें सबसे ज्यादा फेक अकाउंट भारत
     में बनाए जाते है।

Friday, 9 September 2016

समोसे की दुकान। Samose Ki Dukan

एक बडी कंपनी के गेट के सामने एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान थी.........
लंच टाइम मे अक्सर कम्पनी के कर्मचारी वहां आकर समोसे खाया करते थे. 

एक दिन कम्पनी के एक मेनेजर ने समोसे खाते-खाते मजाक के मूड मे आ गये.
मेनेजर साहब ने समोसे वाले से कहा, "यार गोपाल,  तुम्हारी दुकान तुमने बहुत अच्छे से मेंटेन की है.  लेकीन क्या तुम्हे नही लगता के तुम अपना समय और टेलेन्ट समोसे बेचकर बर्बाद  कर रहे हो.......? 


सोचो अगर तुम मेरी तरह इस कम्पनी मे काम कर रहे होते तो आज कहा होते........... 
हो सकता है शायद तुम भी आज मेनेजर होते मेरी तरह......"
इस बात पर समोसेवाले गोपाल ने बडा सोचा.  और बोला,  " सर ये मेरा काम आपके काम से कही बेहतर है.......
10 साल पहले जब मै टोकरी मे समोसे बेचता था तभी आपकी जोब लगी थी.  तब मै महीने के  हजार रुपये कमाता था और आपकी पगार थी 10 हजार रुपये........
इन 10 सालो मे हम दोनो ने खूब मेहनत की..
आप सुपरवाइजर से मेनेजर बन गये.
और मै टोकरी से इस प्रसिद्ध दुकान तक पहुच गया.
आज आप  50,000 रुपये महीने के कमाते है
और मै महीने के 2,00,000
लेकीन इस बात के लिए मै मेरे काम को आपके काम से बेहतर नही कह रहा हूँ.
ये तो मै बच्चो के कारण कह रहा हूँ.
जरा सोचिए सर मैने तो बहुत कम कमाई पर धंदा शुरू किया था.  मगर मेरे बेटे को यह सब नही झेलना पडेगा.
मेरी दुकान मेरे बेटे को मिलेगी.  मैने जिंदगी मे जो मेहनत की है,
उसका लाभ मेरे बच्चे उठाएंगे........
जबकी आपकी जिंदगी भर की मेहनत का लाभ आपके मालिक के बच्चे उठाएंगे.......
अब आपके बेटे को आप डिरेक्टली अपनी पोस्ट पर तो नही बिठा सकते ना..
उसे भी आपकी ही तरह जीरो  से शुरूआत करनी पडेगी....... 
और अपने कार्यकाल के अंत मे वही पहुच जाएगा जहा अभी आप हो.
जबकी मेरा बेटा बिजनेस को यहा से और आगे ले जाएगा..
और अपने कार्यकाल मे हम सबसे बहुत आगे निकल जाएगा..
अब आप ही बताइये किसका समय और टेलेन्ट बर्बाद हो रहा है........? "
मेनेजर साहब ने समोसे वाले को 2 समोसे के 20 रुपये दिये और बिना कुछ बोले वहा से खिसक लिये.........................                                               

Thursday, 8 September 2016

7 वा वेतन आयोग। 7th Pay In Hindi

एक सरकारी  कर्मचारी नौकरी से घर लौट रहा था ।
रास्ते में एक नदी पड़ती थी । नदी पार करने लगा तो ना जाने क्या सूझा,

एक पत्थर पर बैठ कर अपने झोले में से पेन और कागज निकाला ओर अपने वेतन का  हिसाब  निकालने लगा ।



अचानक…..,

हाथ से पेन फिसला और डुबुक ….पानी में डूब गया । कर्मचारी परेशान । आज ही सुबह पूरे पांच रूपये खर्च कर खरीदा था ।
कातर दृष्टि से कभी इधर-कभी उधर देखता ,पानी में उतरने का प्रयास करता , फिर डर कर कदम खींच लेता ।

एकदम नया पेन था ,
छोड़ कर जाना भी मुनासिब न था ।
तभी …….
पानी में एक तेज लहर उठी , और साक्षात् वरुण देव सामने थे ।
सरकारी कर्मचारी हक्का -बक्का..............

कुल्हाड़ी वाली कहानी याद आ गई ।
वरुण देव ने कहा , ”कर्मचारी, क्यूँ इतना परेशान है.........? 
प्रमोशन , तबादला , वेतनवृद्धि ,क्या चाहिए...........?

कर्मचारी अचकचाकर बोला , ” प्रभु ! आज ही सुबह एक पेन खरीदा था ।
पूरे पांच रूपये का । देखो ढक्कन भी मेरे हाथ में है ।
यहाँ पत्थर पर बैठा लिख रहा था कि पानी में गिर गया प्रभु बोले , ” बस इतनी सी बात ! अभी निकाल
लाता हूँ ।”

प्रभु ने डुबकी लगाई..........
और चाँदी का एक चमचमाता पेन लेकर बाहर आ गए । बोले – ये है आपका पेन..........?

कर्मचारी बोला – ना प्रभु । मुझ गरीब को कहाँ ये चांदी का पेन नसीब । ये मेरा नहीं ।
प्रभु बोले – कोई बात नहीं , एक डुबकी और लगाता हूँ
डुबुक …..

इस बार प्रभु सोने का रत्न जडित पेन लेकर आये। बोले – “लीजिये कर्मचारी , अपना पेन ।”

कर्मचारी बोला – ” क्यूँ मजाक करते हो प्रभु । इतना कीमती पेन और वो भी मेरा । मैं सरकारी कर्मचारी हूँ ।
थके हारे प्रभु ने कहा , ” चिंता ना कर कर्मचारी ।अबके फाइनल डुबकी होगी ।
डुबुक ….

बड़ी देर बाद प्रभु उपर आये । हाथ में कर्मचारी का जेल पेन लेकर ।
बोले – ये है क्या ?
कर्मचारी चिल्लाया – हाँ यही है , यही है ।

प्रभु ने कहा – आपकी इमानदारी ने मेरा दिल जीत लिया कर्मचारी ।
आप सच्चे कर्मचारी हैं । आप ये तीनों पेन ले लो । कर्मचारी ख़ुशी – ख़ुशी घर को चला ।
.
.
कहानी अभी बाकी है दोस्तों.............................

प्यारी बिटिया। Sweet Doughter

पापा देखो मेंहदी वाली
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मुझे मेंहदी लगवानी है "पंद्रह साल की चुटकी बाज़ार में
बैठी मेंहदी वाली को देखते ही मचल गयी...

"कैसे लगाती हो मेंहदी " विनय नें सवाल किया...
 "एक हाथ के पचास दो के सौ.......
मेंहदी वाली ने जवाब दिया.

विनय को मालूम नहीं था मेंहदी लगवाना इतना मँहगा हो गया है.
 "नहीं एक हाथ के बीस लो वरना हमें नहीं लगवानी."

यह सुनकर चुटकी नें मुँह फुला लिया.

"अरे अब चलो भी, नहीं लगवानी इतनी मँहगी मेंहदी"
 विनय के माथे पर लकीरें उभर आयीं .

"अरे लगवाने दो ना साहब...... अभी आपके घर में है तो
आपसे लड़ाई भी कर सकती है...

कल को पराये घर चली गयी तो पता नहीं ऐसे मचल पायेगी या नहीं
तब आप भी तरसोगे बिटिया की  फरमाइश पूरी करने को.........

मेंहदी वाली के शब्द थे तो चुभने वाले पर उन्हें सुनकर विनय को
अपनी बड़ी बेटी की याद आ गयी..........

जिसकी शादी उसने तीन साल पहले एक खाते -पीते पढ़े लिखे परिवार में की थी.

उन्होंने पहले साल से ही उसे छोटी छोटी बातों पर सताना शुरू कर दिया था..........

दो साल तक वह मुट्ठी भरभर के रुपये उनके मुँह में ठूँसता रहा पर.........
उनका पेट बढ़ता ही चला गया

और अंत में एक दिन सीढियों से गिर कर बेटी की मौत की खबर
ही मायके पहुँची...........

आज वह छटपटाता है........ कि उसकी वह बेटी फिर से
उसके पास लौट आये.. और वह चुन चुन कर उसकी सारी अधूरी इच्छाएँ पूरी कर दे...

पर वह अच्छी तरह जानता है  कि अब यह असंभव है.

"लगा दूँ बाबूजी...?,
एक हाथ में ही सही "

मेंहदी वाली की आवाज से विनय की तंद्रा टूटी...

"हाँ हाँ लगा दो.
एक हाथ में नहीं दोनों हाथों में.........

और हाँ, इससे भी अच्छी वाली हो........ तो वो लगाना."

विनय ने डबडबायी आँखें पोंछते हुए कहा...........
और बिटिया को आगे कर दिया.